शनिवार को महाराजा निषाद राज जयंती व महर्षि कश्यप जयंती का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री वल्देव सिंह औलख ने समाज के लोगों की एकता और कार्यक्रम के भव्य आयोजन को देखकर कहा कि वह कश्यप तथा तुरैहा मछुआ समाज का सदैव ऋणी हैं। मछुआ समाज का व्यक्ति अब कच्चे रास्ते पर निवास नहीं करेगा। कहा कि इस समाज के लोग जिसका साथ देते हैं हमेशा उसी के साथ बने रहते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर रमेश चंद्र तुरैहा ने अपने वक्तव्य में कहा की हमें अपने समाज के महापुरुषों का आदर करना चाहिए। महर्षि वेदव्यास निषाद समाज से ही थे। निषाद राज गुह्य जी की राजधानी श्रृंगवेरपुर के विषय में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने कहा 1975 से हम संघर्ष कर रहे हैं तुरैहा समाज के लोगों को विभिन्न उपजातियां से जाना जाता है लेकिन उन्हें तुरैहा जाति का आरक्षण नहीं मिल पाता है। प्रत्येक गांव में उनके समाज के लोग रहते हैं उन्होंने समाज को शिक्षित होने का संदेश दिया। साथ ही यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक ज्ञान भी प्राप्त करना चाहिए। राजू कश्यप ने सरकार द्वारा मछुआ समाज को दी जा रही योजनाओं की जानकारी दी। डॉक्टर कृपाल सिंह तुरैहा ने महर्षि कश्यप, वीर एकलव्य और निषादराज गुहा के विषय में जानकारी दी। प्रधान धर्मेंद्र कुमार ने एकजुटता का संदेश दिया।तिराहा के प्रधान रामकिशोर तुरैहा ने कहा कि समाज को अपने महापुरुषों की तस्वीर अपने घरों पर लगानी चाहिए। अपने बच्चों को उनकी जानकारी देनी चाहिए। हमें राजनीतिक रूप से एक होकर रहने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कमल कुमार तुरैहा ने तथा संचालन भुवनेश्वर ने किया। कार्यक्रम में मुरारी लाल, राम सिंह एडवोकेट, रामकिशोर, कालूराम, विनोद कुमार,अजय, दिलीप, हरिशंकर, रमेश चंद, पीतम सिंह, कोमल, बाल किशोर,गोविंदराम, सीताराम आदि मौजूद थे।
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